Navigation Menu

board-of-directors



इस कंपनी का प्रबंधन, निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है, जो कार्यनीतियाँ, नीतियाँ बनाता है और आवधिक रूप से अपने कार्य-निष्‍पादन की समीक्षा करता है। अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अभितट), निदेशक (प्रौद्योगिकी एवं फील्‍ड सेवाएँ), निदेशक (वित्‍त), निदेशक (अभितट), निदेशक (अन्‍वेषण) और निदेशक (मानव संसाधन) बोर्ड के समग्र पर्यवेक्षण, नियंत्रण और मार्गदर्शन के अधीन कंपनी के व्‍यवसाय का प्रबंधन करता है।

आर्गेनोग्राम देखें



अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और कार्यात्मक निदेशक

डॉ अल्का मित्तल
निदेशक (मानव संसाधन) और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक - अतिरिक्त प्रभार

डॉ. अलका मित्‍तल ने, आज ओएनजीसी लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। अर्थशास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर, एमबीए (मानव संसाधन प्रबंधन) और वाणिज्‍य और व्‍यवसाय अध्‍ययनों में डॉक्‍टरेट डॉ. अलका मित्‍तल ने 1985 में एक स्‍नातक प्रशिक्षणार्थी के रूप में ओएनजीसी में कार्यभार ग्रहण किया था और 30 वर्ष से भी अधिक का अत्‍यधिक समृद्ध अनुभव प्राप्‍त किया।

डॉ. मित्‍तल, ओएनजीसी के इतिहास में एक पूर्णकालिक निदेशक का प्रभार रखने वाली पहली महिला हैं। वह अगस्‍त, 2015 से ओएनजीसी के नामिति निदेशक के रूप में ओएनजीसी मंगलौर पेट्रोकेमिकल्‍स लिमिटेड (ओएमपीएल) के बोर्ड में भी हैं।

निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यभार ग्रहण करने से पहले डॉ. मित्‍तल, कंपनी के कौशल विकास प्रमुख (सीएसडी) के पद पर रहीं। सीएसडी की हैसियत से उन्‍होंने क्रियाकलापों को सरल और कारगर बनाया और ओएनजीसी के कौशल विकास केंद्रों के कार्यचालन में एकरूपता लाई।

इस अवधि के दौरान उन्‍होंने, सभी कार्य केंद्रों में 5000 से अधिक प्रशिक्षु अभिनियोजित करके ओएनजीसी में राष्‍ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन स्‍कीम भी कार्यान्वित की।

पहले उन्‍होंने कॉरपोरेट कार्यालय में सीएसआर प्रमुख के रूप में कार्य किया और पूरे भारत में प्रमुख सीएसआर परियोजनाएं आरंभ की।

इससे पहले, उन्‍होंने वड़ोदरा, मुंबई, दिल्‍ली और जोरहाट सहित सभी क्षेत्रों में विभिन्‍न हैसियतों से मानव संसाधन – कर्मचारी संबंध कार्यों का नेतृत्‍व किया और वह 2009 के दौरान ओएनजीसी की कॉरपोरेट संसूचन प्रमुख भी थीं।

उनकी प्रशिक्षण और मेंटरिंग के लिए विशेष अभिरुचि है और उन्‍होंने ओएनजीसी के स्‍नातक प्रशिक्षणार्थियों के प्रवेश कार्यक्रम के भाग के रूप में 2001 से ''कॉरपोरेट अभिशासन'' पर 11000 से अधिक स्‍नातक प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया।

एक वरिष्‍ठ मानव संसाधन विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अलका मित्‍तल ने विभिन्‍न व्‍यावसायिक मंचों और निकायों में समृद्ध योगदान किया। वह, एनआईपीएम (राष्‍ट्रीय व्‍यावसायिक प्रबंधन संस्‍थान) की कार्यकारिणी की सदस्‍य हैं और हाल ही के समय तक सार्वजनिक सेक्‍टर में महिला मंच, उत्‍तरी क्षेत्र की अध्‍यक्ष थीं और ओएनजीसी के महिला विकास मंच की प्रमुख थीं।

डॉ. मित्‍तल ने, समान अवसर वाले नियोक्‍ता के सिद्धांत को प्रोत्‍साहित करने का सदैव प्रयास किया और ओएनजीसी में एक समावेशी कार्य स्‍थल पर्यावरण प्रणाली सृजित करने के प्रति योगदान किया है।

राजेश कुमार श्रीवास्तव
निदेशक (अन्वेषण) और निदेशक (अपतटीय)

श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव ने निदेशक (अन्वेषण) का कार्यभार 02.08.2019 को संभाला। श्री श्रीवास्तव ने लखनऊ विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ साइंस (भूविज्ञान) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से इंजीनियरिंग भूविज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की। वे 1984 में कृष्णा गोदावरी बेसिन, राजमहेन्द्री में ओएनजीसी में भूवैज्ञानिक के रूप में शामिल हुए।

35 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, श्री श्रीवास्तव अपस्ट्रीम हाइड्रोकार्बन अन्वेषण के क्षेत्र में वेल साइट संचालन, विकास भूविज्ञान, भूकंपीय डेटा विवेचन, मानिटरिंग व अन्वेषण की अन्वेषन योजनाओं के विशेषज्ञ हैं।

श्री श्रीवास्तव ने भूगर्भीय रूप से जटिल के जी-पी जी बेसिन से एक्सप्लोरेशन जियोलॉजिस्ट के रूप में अपना करियर शुरू किया। इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्वियर स्टडीज, अहमदाबाद में उन्हें क्षेत्र विकास योजनाओं की तैयारी, उत्पादन के पूर्वानुमान के लिए सिमुलेशन अध्ययन और संभावनाओं के तकनीकी-आर्थिक मूल्यांकन के लिए जलाशय मॉडलिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों मे से एक माना जाता था।

अन्वेषण और ड्रिलिंग निदेशालय में अपने कार्यकाल के दौरान, वे असम और असम-अराकान बेसिन, एमबीए बेसिन, कृष्णा-गोदावरी बेसिन और कावेरी बेसिन की खोज और विकास गतिविधियों के साथ निकटता से जुड़े थे।

उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया के लिए हाइड्रोकार्बन विजन-2030’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मिस्र और सूडान के कई अन्वेषण और विकास खंडों का भी मूल्यांकन किया है। क्षेत्र विकास और हाइड्रोकार्बन अन्वेषण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए श्री श्रीवास्तव को वर्ष 2009 में राष्ट्रीय खनिज पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

ओम प्रकाश सिंह
निदेशक (तकनीकी एवं फील्‍ड सेवाएं)

श्री ओम प्रकाश सिंह ने 1 अप्रैल 2020 को निदेशक (तकनीकी एवं फील्‍ड सेवाएं) के रूप में पदभार संभाला । 32 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ मैकेनिकल इंजीनियर, श्री सिंह ने तकनीकी और वाणिज्यिक भूमिकाओं के दौरान समस्त उद्योग की समझ और सिद्ध प्रबंधन का अनुभव प्राप्त किया है।

एक ड्रिलिंग इंजीनियर के रूप में, श्री सिंह का एक विशिष्ट ट्रैक रिकॉर्ड है और उन्होंने कंपनी के भीतर विभिन्न भूमिकाओं के माध्यम से गतिशील नेतृत्व और दूरदृष्टि का प्रदर्शन किया है। वह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अन्वेषण और उत्पादन व्यवसाय से अच्छी तरह से वाकिफ हैं और आफशोर और आनशोर परिचालन का व्यापक अनुभव रखते हैं।

श्री सिंह को उद्योग का व्यापक ज्ञान और वैश्विक व्यापार का अनुभव है। उन्होंने वियतनाम, ईरान, कतर और ब्राजील में भारत और विदेशी परियोजनाओं में चुनौतीपूर्ण डीपवाटर ड्रिलिंग परियोजना को संभालने में प्रमुख भूमिका निभाई है।

श्री सिंह का प्रमुख नहावा सप्लाई बेस के रूप में कार्यकाल बहुत प्रभावशाली रहा है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, उन्होंने उत्साह, स्पष्टता और अनुशासन के साथ एक प्रमुख भूमिका का प्रदर्शन किया; जिससे न्हावा सप्लाई बेस के कार्य मे बहुत अधिक  सुधार हुआ है।

प्रदर्शन मेट्रिक्स और उत्कृष्टता के लिए एक निरंतर प्रयासों पर ध्यान देते हुए, श्री सिंह ने एसेट मैनेजर के रूप में त्रिपुरा एसेट का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल मे, एसेट मे कई प्रगतिपूर्ण व महत्वपूर्ण सुधार हुए जोकि उनके द्वारा की गई परियोजनाओं के फास्ट ट्रेकिंग और संसाधन जुटाने और इसके उपयोग के तालमेल के लिए की गई पहल का परिणाम है।

श्री ओ पी सिंह का टीम वर्क मे दृढ़ विश्वास है और वे एक उदारचित्त और दूरंदेशी दृष्टिकोण रखते हैं।

अनुराग शर्मा
निदेशक (ऑनशोर)

श्री अनुराग शर्मा ने 1 जून 2020 को ओएनजीसी निदेशक (ऑनशोर) का पदभार संभाला। श्री शर्मा एनआईटी इलाहाबाद से मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातक हैं और एफएमएस दिल्ली से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स हैं।

श्री शर्मा की उन्नती उनके जुनून, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत को दर्शाती है। उनका कावेरी एसेट के एसेट मैनेजर सहित विभिन्न पदों पर कंपनी में 36 वर्षों के उत्कृष्ट योगदान का करियर रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान, कावेरी एसेट ने महत्वपूर्ण सुधार किए गए जिसके परिणामस्वरूप पिछले दो दशकों में एसेट मे सबसे अधिक तेल उत्पादन हुआ।

श्री शर्मा ने ओएनजीसी में 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्ट-अप इंडिया' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को अपना कुशल नेत्रत्व प्रदान किया। उनका परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन का एक विशिष्ट ट्रैक रिकॉर्ड है और अंकलेश्वर, जोरहाट और उन्होने कावेरी एसेट्स में ड्रिलिंग ऑपरेशन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री शर्मा के पास विशाल औद्योगिक ज्ञान और वैश्विक व्यापार का अनुभव है और उन्होंने सी आई एस और एस ई एशिया में ओएनजीसी विदेश के लिए व्यवसाय विकास और परियोजना प्रबंधन में प्रमुख योगदान दिया है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण वियतनाम परियोजना मे महत्वपूर्ण योगदान दिया और आर आई जी रूस का नेतृत्व किया।

समस्त उद्योग जगत मे श्री शर्मा को अंतरराष्ट्रीय कौशल के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है।

श्री अनुराग शर्मा के पास कंपनी के 3,618 इक्विटी शेयर हैं और वे बोर्ड के अन्य निदेशकों से संबंधित नहीं हैं।

पंकज कुमार
निदेशक (अपतटीय)

श्री पंकज कुमार ने 4 सितंबर, 2021 को ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) के निदेशक (अपतट) का कार्यभार ग्रहण किया है। निदेशक (अपतट) के रूप में, वह ओएनजीसी के लगभग 70 प्रतिशत तेल और 78 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उत्पादन का योगदान करने वाले अपतटीय क्षेत्रों की पूरी श्रृंखला के लिए जिम्मेदार हैं।

श्री कुमार एक पूर्ण तेल और गैस उद्योग पेशेवर हैं, जिनके पास अपतटीय और अभितटीय क्षेत्रों के संचालन प्रबंधन, कूप इंजीनियरिंग, संयुक्त उद्यम प्रबंधन, कारपोरेट रणनीतिक प्रबंधन और परिसंपत्ति प्रबंधन के भिन्न-भिन्न ओएनजीसी व्यावसायिक कार्यों में 34 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

इस अवधि के दौरान उन्होंने ओएनजीसी के कारपोरेट रणनीति और आयोजना समूह के प्रमुख तथा कैम्बे परिसंपत्ति  और अहमदाबाद परिसंपत्ति के परिसंपत्ति प्रबंधक के रूप में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। अहमदाबाद और कैम्बे के परिपक्व क्षेत्रों से सतत उत्पादन वृद्धि उनके उत्कृष्ट संपत्ति और परियोजना प्रबंधन कौशल का एक और प्रमाण है।

वे अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण और उत्कृष्ट निष्पादन रिकॉर्ड के साथ त्वरित निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। संयुक्त उद्यम (जेवी) प्रचालन समूह में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री कुमार ने पन्ना-मुक्ता और ताप्ती में समय पर और आवंटित बजट के अंतर्गत  उत्पादन में लगभग 100% वृद्धि और जटिल अपतटीय परियोजनाओं को डिलीवर करके सीबी-ओएस/2 अपतटीय जेवी ब्लॉक के असाधारण कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ओएनजीसी की दीर्घकालिक विकास रणनीति : ऊर्जा रणनीति 2040 में श्री कुमार का व्यापक योगदान कारपोरेट रणनीति और योजना प्रमुख के रूप में उल्लेखनीय है।

अहमदाबाद में ओएनजीसी की सबसे बड़ी अभितटीय परिसंपत्ति के परिसंपत्ति प्रबंधक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, देश को अब तक की सबसे खराब महामारी और लॉक-डाउन की स्थिति का सामना करना पड़ा। गंभीर लॉक-डाउन स्थितियों के दौरान उनके गतिशील नेतृत्व में 67 प्रतिष्ठानों वाली परिसंपत्ति ने चौबीसों घंटे संचालन जारी रखा और उत्पादन बनाए रखा।

उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय (अब आईआईटी रुड़की) से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री और आईआईटी दिल्ली से प्रोसेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने आईआईएम, बेंगलुरु में एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम और आईआईएम, कलकत्ता में लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम पूरा किया।

पोमिला जसपाल
निदेशक (अपतटीय)

Pomila Jaspal has taken over as Director (Finance) of ONGC on 19 April 2022. Prior to this, Ms Jaspal served as Director (Finance) in Mangalore Refinery and Petrochemicals Ltd (MRPL) - Schedule ‘A’ CPSE and subsidiary of ONGC, since October 2019.

She has also served as Director on the Board of ONGC Mangalore Petrochemicals Limited (OMPL), Petronet Mangalore Hassan Bangalore Limited (PMHBL) and ONGC Petro additions Limited (OPaL).

Ms Jaspal is a fellow member and gold medalist of the Institute of Cost Accountants of India. She is a recipient of the Late Mrs Dhanpati Goel Gold Medal from the Institute. She has obtained a degree in B.Com. (Hons) from MCM DAV College, Chandigarh, and M.Com. from the Punjab University.

She has 36 years of experience across varied segments of the oil & gas industry, encompassing operating, regulatory and policy aspects of upstream and downstream industry.

Ms Jaspal was instrumental in the merger of OMPL with MRPL, paving the way for synergy and integration benefits for the ONGC Group. As Director (Finance) of MRPL, she focused on the restructuring of the borrowing portfolios leading to a lower effective rate of interest.

Asset Publisher

जी. श्रीनिवास

अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार

G Srinivas, IAS, is an Additional Secretary and Financial Adviser in the Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution. He also holds a charge in the Ministry of Petroleum & Natural Gas.

An IAS officer of the 1990 batch, Odisha Cadre, Mr Srinivas has worked both in the Central government and Odisha state government.  He has worked as Joint Secretary and Director in the Ministry of Mines and has also been a PS to the Minister of State for Rural Development.

During his tenure as Joint Secretary, Mr Srinivas drafted the new Mines and Mineral (Development & Regulation) Act and helped in obtaining approvals from the Cabinet and the Standing Committee for the proposed legislation.  Meanwhile, working as the Principal Secretary to Commerce, Transport and Civil Aviation, Labour, Steel and Mines Departments, he enabled the port expansion at Dhamra and Gopalpur that have been executed through PPP mode by the state government of Odisha.

Mr Srinivas also oversaw the case of Mahanadi Riverine Port and Subarna Rekha port pre-project activities like allotment of land and etc. Besides, he also worked in the field postings as Revenue Divisional Commissioner, Collector, District Magistrate and Sub-Divisional Magistrate in the Government of Odisha. He was also a part of the IFAD-assisted tribal development project that took place in the remotely located Kashipur block of Rayagada district, thereby extending the funding for two more years beyond the initial period of closure.

In addition, he has also worked as Managing Director, Markfed, as Project Director, ICDS, in the undivided State Government of Andhra Pradesh while on deputation.

Mr Srinivas is a BTech graduate in Civil Engineering. He also holds a master’s degree in Civil Engineering and Management Program in Public Policy from the Indian School of Business.

Earlier, he was on the Board of Hindustan Copper Limited (HCL), Hindustan Zinc Limited (HZL), Bharat Aluminium Company (BALCO) and Orissa Rail Infrastructural Development Limited (ORIDL).  Presently, he is on the Board of Food Corporation of India (FCI) and Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL).

स्वतंत्र निदेशक

श्यामचंद घोष
स्वतंत्र निदेशक

Mr Syamchand Ghosh has a Master's Degree in Economics from North Bengal University; and B.Ed. (Bachelor's in Education) from North Bengal University.

Mr Ghosh is a social worker and Educationist. Being a teacher/ Head Master, Hostel Superintendent and also member of School Managing Committee, under his dynamic leadership school progressed very well. Mr Ghosh joined as assistant teacher with a High School in 1981. He was promoted and worked as Head Master of the School during April 2010 to July 2017, till superannuation. He also worked as part-time NCC Officer.

As a teacher, Mr Ghosh has been helpful to students and nurtured underprivileged students with free tuition and books/ stationery. He is also President of Malda Zilla Yadav Samity (a non-political organization), which organizes various welfare activities like blood donation camps, free clothes donation, etc. Mr Ghosh is also Secretary of Sarada Shishu Mandir, a Nursery School, established for providing quality education to underprivileged of the locality at minimal fees.

वी अजीत कुमार राजू
स्वतंत्र निदेशक

Mr V Ajit Kumar Raju is a practising Chartered Accountant with more than 21 years of professional experience. He is a Partner at M/s. D M Associates, a firm of Chartered Accountants.

Mr Raju is B Com. (Hons.) with First Division from Berhampur, Orissa, a Chartered Accountant and also FICO in SAP.

He is an avid traveller and has hobby of reading.

मनीष पारीक
स्वतंत्र निदेशक

Mr Manish Pareek is a Practicing Advocate, a writer and a dynamic debater. He is a Law Graduate and also Masters in Business Administration from Rajasthan University, Jaipur. In addition, he holds Post Graduation Diploma in Labour Laws.

Mr Pareek is Former Deputy Mayor of Jaipur and has also served as the Councillor for more than two terms of Jaipur Municipal Corporation (JMC). Being a Councillor, he served as the Chairman of Bylaws Committee and Head of Sanitation Inspection Committee of the JMC.

He has rich experience in law-making. Under his initiatives, various sanitation drives were also conducted

रीना जेटली
स्वतंत्र निदेशक

Ms Reena Jaitly is Graduate of Arts from Gurunanak Dev University, Punjab. She was Nominee Director/ Chairperson of Punjab State Forest Development Corporation Ltd, a Punjab State Government Company.

She is a social worker and has been the President of Nav Shakti Welfare Association (since last 13 years), Chairperson of Mahila Seva Sangthan (for more than 15 years) and Member of AK Prayas (for more than 15 years).

डॉ प्रभास्कर राय
स्वतंत्र निदेशक

Dr Prabhaskar Rai is professor of psychology. He has been teaching graduate and postgraduate students for the last 33 years. He has been working as principal of a Degree College for the last three years. Presently, he is the principal of LR Degree College Jasrana, Firozabad of UP, which is affiliated to Dr BR Ambedkar University in Agra. He was awarded PhD in 2004 by Dr BR Ambedkar University, Agra. Four students have completed their research work for award of PhD degree in Psychology under his mentorship. His research area is social psychology and psychology of personality. He has attended more than 30 national and international seminars and conferences and has published 23 research papers in various national and international research journals.

He had also organized a national seminar of Indian Psychological Association in 1991. Recently, he has written a book of Psychology namely 'Moolbhoot Manovaigyanik Prakriyaye', which was published in 2021 on the guidelines of New Education Policy 2021. He is the recipient of two national awards in Psychology i.e. Mrs Varalakshmi and Prof Rajamancken Veteran Eminent Psychological Award 2016 and A B Vajpayee National Development Award 2017.

He took the Army training of 6 months at various stages and worked as Associate NCC Officer along with teaching assignment. He commanded the U P contingent of NCC in Republic Parade in 1999. He received DG Commendation Card (national level) in 2004 and Deputy DG Commendation Card in 1997 and 1999 (State level).

He has also been involved with government recruitment process. He has rendered his service in U P Higher Education Service Commission, M P Public Service Commission and Chhattisgarh Public Service Commission, etc.

He is actively associated with educational and social service organizations. He has been the Vice President of Maharshi Dayanand Arsh Gurukul Ashram for the last seven years, which is devoted to the education and upliftment of downtrodden Schedule Tribe student of North Eastern states of the country. He is Vice President of Saraswati Shiksha Sansthan Firozabad and Member of Management Committee of Central School of Firozabad.

डॉ माधव सिंह
Independent Director

Dr Madhav Singh is a practicing doctor by profession and also a social worker, a debater and a human resource management coordinator. He acquired his graduation degree from Maharaja College Jaipur (Rajasthan University), where he held various posts in student union. He was also a NCC cadet during his student life. Dr. Singh completed his MBBS degree from SMS Medical College Jaipur. As a professional doctor, he served in various hospitals of Delhi.

In 1991, Dr Singh joined Government Service in Rajasthan and after serving 11 years, took voluntary retirement from service in 2002. Subsequently, he settled in Shrimadhopur (Sikar) and has been actively involved in social services by providing medical services to underprivileged people.

Dr. Singh is associated with Rotary International, where he held position of Assistant Governor (Rajasthan and Gujarat) and was also President of Rotary Club Shrimadhopur (Sikar). Dr Singh has worked for various welfare activities like blood donation camps, free eye operation camps, multispecialty medical mega camps, homeopathy medical camps and has performed over 25,000 deliveries till now. For his contribution to society, Dr Singh has been honored several times at District and State level by the Government of Rajasthan.

Dr Singh has been awarded with best Rotarian by Jaipur Rotary Club, Matdata Jagruk Award by District Magistrate and occasions of Republic Day and Independence Day.

Dr Singh has attended more than 100 National and State level conferences. In COVID-19 epidemic, he started 24 hrs Helpline services on which he personally attended all calls and extended services of medicines, oxygen, accommodations and counseled them regularly till date.