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इस कंपनी का प्रबंधन, निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है, जो कार्यनीतियाँ, नीतियाँ बनाता है और आवधिक रूप से अपने कार्य-निष्‍पादन की समीक्षा करता है। अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अभितट), निदेशक (प्रौद्योगिकी एवं फील्‍ड सेवाएँ), निदेशक (वित्‍त), निदेशक (अभितट), निदेशक (अन्‍वेषण) और निदेशक (मानव संसाधन) बोर्ड के समग्र पर्यवेक्षण, नियंत्रण और मार्गदर्शन के अधीन कंपनी के व्‍यवसाय का प्रबंधन करता है।



अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और कार्यात्मक निदेशक

अरुण कुमार सिंह

अध्यक्ष

Arun Kumar Singh has joined as the Chairman of Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC). He assumed the charge as the Chief of the Energy Maharatna on 7 December 2022.

A Mechanical Engineer from National Institute of Technology, Patna, he has over 36 years of diversified experience in Oil & Gas industry, in India and abroad.

Earlier, he was the CMD of Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL), a ‘Maharatna’ and a Fortune Global 500 Company. 

He was also Chairman of Indraprastha Gas Ltd. (IGL) a Joint Venture (JV) City Gas Distribution (CGD) Company, listed on Indian bourses. He was also on the Board of Petronet LNG Ltd (PLL), a Joint Venture Company, listed on Indian bourses.

He has also held the position of President (Africa & Australia) in Bharat Petro Resources Ltd, a wholly owned Subsidiary of BPCL, engaged in exploration of Oil & Gas, largely overseas.

Speaking after joining, Mr Singh said that ONGC has a key role to play in the ongoing Energy Transition. “One of my first steps would be to bring the operational direction of the national oil company more in alignment with the national energy strategy.”

राजेश कुमार श्रीवास्तव

निदेशक (अन्वेषण)

Shri Rajesh Kumar Srivastava, Director (Exploration) has assumed the additional charge of Chairman and Managing Director (CMD) of Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC) with effect from 1st September, 2022. With taking over the charge of CMD of ONGC, Shri Srivastava from Exploration fraternity is to head one of India’s most valuable oil & gas public sector enterprises. Shri Srivastava is also the Chairman of ONGC Group of Companies having dominance in E&P sector and significant presence in refining, petrochemicals, power and renewables.

Shri Srivastava is a visionary Exploration leader and industry veteran bringing with him an extremely rich professional experience spanning almost near to four decades. He joined ONGC in 1984 as a Graduate Trainee and has over the years risen in the hierarchy of ONGC by serving in different capacities and key positions, including position of Chief of Exploration and Development Directorate.

Shri Srivastava has made rich contributions in various professional forums and bodies. He has played a key role in discoveries of hydrocarbons and making field development plans for major oil & gas fields of ONGC including fields in Assam and Assam Arakan Basin, Mumbai High, Bassein & Neelam, besides others. He has introduced the science of geo-cellular modelling in ONGC which is widely used across the organization. As an acknowledgement of his contributions he was awarded with ‘Geologist of the Year’ in 2002 and honoured with the prestigious ‘National Mineral Award’ in 2009.

He is presently the Chairman of ONGC Teri Biotech Limited (OTBL) a Joint Venture of ONGC & TERI, and has been on the Board of ONGC Tripura Power Company (OTPC). He is also Director-In charge, Carbon Management & Sustainability Group (CM&SG) of ONGC. He is holding the charge of Indian Geological Congress (IGC) as President for the tenure 2021 to 2022 and is also a Member of Research Advisory Committee of Wadia Institute of Himalayan Geology (WIHG). He is also member of Scientific advisory Committee (SAC) and Centre for High Technology (CHT), constituted under the aegis of Department of Science & Technology, Govt. of India.

Towards making ONGC one of the best companies in E&P space, Shri Srivastava has always advocated a focused approach for expanding exploration, especially looking for new opportunities. The framework drawn on the philosophy of play based exploration is being implemented across the ONGC work centres and has started to yield results in terms of higher success ratio. Testimony to his continuous strife for excellence in hydrocarbon exploration, two new basins have been added to the hydrocarbon map of India. His continuous drive and valuable guidance has earned ONGC the prestigious “Exploration Company of The year” award by FIPI in 2021. He is the driving force behind one of the Missions of ONGC: Dedicated to excellence by leveraging competitive advantages in R&D and technology with involved people”. He has also been championing the UN Agenda on sustainability through balancing the three dimensions of sustainable development, i.e. economic, social and environmental.

Mr. Rajesh Kumar Srivastava acquired degree of Master of Science (Geology) from Lucknow University and M. Tech in Engineering Geology from the prestigious Indian Institute of Technology, Kanpur. Pursuing continuous learning, Mr. Srivastava has successfully completed the FT Non-Executive Director Diploma Program in 2022.

ओम प्रकाश सिंह
निदेशक (तकनीकी एवं फील्‍ड सेवाएं)

श्री ओम प्रकाश सिंह ने 1 अप्रैल 2020 को निदेशक (तकनीकी एवं फील्‍ड सेवाएं) के रूप में पदभार संभाला । 32 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ मैकेनिकल इंजीनियर, श्री सिंह ने तकनीकी और वाणिज्यिक भूमिकाओं के दौरान समस्त उद्योग की समझ और सिद्ध प्रबंधन का अनुभव प्राप्त किया है।

एक ड्रिलिंग इंजीनियर के रूप में, श्री सिंह का एक विशिष्ट ट्रैक रिकॉर्ड है और उन्होंने कंपनी के भीतर विभिन्न भूमिकाओं के माध्यम से गतिशील नेतृत्व और दूरदृष्टि का प्रदर्शन किया है। वह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अन्वेषण और उत्पादन व्यवसाय से अच्छी तरह से वाकिफ हैं और आफशोर और आनशोर परिचालन का व्यापक अनुभव रखते हैं।

श्री सिंह को उद्योग का व्यापक ज्ञान और वैश्विक व्यापार का अनुभव है। उन्होंने वियतनाम, ईरान, कतर और ब्राजील में भारत और विदेशी परियोजनाओं में चुनौतीपूर्ण डीपवाटर ड्रिलिंग परियोजना को संभालने में प्रमुख भूमिका निभाई है।

श्री सिंह का प्रमुख नहावा सप्लाई बेस के रूप में कार्यकाल बहुत प्रभावशाली रहा है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, उन्होंने उत्साह, स्पष्टता और अनुशासन के साथ एक प्रमुख भूमिका का प्रदर्शन किया; जिससे न्हावा सप्लाई बेस के कार्य मे बहुत अधिक  सुधार हुआ है।

प्रदर्शन मेट्रिक्स और उत्कृष्टता के लिए एक निरंतर प्रयासों पर ध्यान देते हुए, श्री सिंह ने एसेट मैनेजर के रूप में त्रिपुरा एसेट का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल मे, एसेट मे कई प्रगतिपूर्ण व महत्वपूर्ण सुधार हुए जोकि उनके द्वारा की गई परियोजनाओं के फास्ट ट्रेकिंग और संसाधन जुटाने और इसके उपयोग के तालमेल के लिए की गई पहल का परिणाम है।

श्री ओ पी सिंह का टीम वर्क मे दृढ़ विश्वास है और वे एक उदारचित्त और दूरंदेशी दृष्टिकोण रखते हैं।

अनुराग शर्मा
निदेशक (ऑनशोर)

श्री अनुराग शर्मा ने 1 जून 2020 को ओएनजीसी निदेशक (ऑनशोर) का पदभार संभाला। श्री शर्मा एनआईटी इलाहाबाद से मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातक हैं और एफएमएस दिल्ली से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स हैं।

श्री शर्मा की उन्नती उनके जुनून, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत को दर्शाती है। उनका कावेरी एसेट के एसेट मैनेजर सहित विभिन्न पदों पर कंपनी में 36 वर्षों के उत्कृष्ट योगदान का करियर रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान, कावेरी एसेट ने महत्वपूर्ण सुधार किए गए जिसके परिणामस्वरूप पिछले दो दशकों में एसेट मे सबसे अधिक तेल उत्पादन हुआ।

श्री शर्मा ने ओएनजीसी में 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्ट-अप इंडिया' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को अपना कुशल नेत्रत्व प्रदान किया। उनका परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन का एक विशिष्ट ट्रैक रिकॉर्ड है और अंकलेश्वर, जोरहाट और उन्होने कावेरी एसेट्स में ड्रिलिंग ऑपरेशन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री शर्मा के पास विशाल औद्योगिक ज्ञान और वैश्विक व्यापार का अनुभव है और उन्होंने सी आई एस और एस ई एशिया में ओएनजीसी विदेश के लिए व्यवसाय विकास और परियोजना प्रबंधन में प्रमुख योगदान दिया है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण वियतनाम परियोजना मे महत्वपूर्ण योगदान दिया और आर आई जी रूस का नेतृत्व किया।

समस्त उद्योग जगत मे श्री शर्मा को अंतरराष्ट्रीय कौशल के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है।

श्री अनुराग शर्मा के पास कंपनी के 3,618 इक्विटी शेयर हैं और वे बोर्ड के अन्य निदेशकों से संबंधित नहीं हैं।

पंकज कुमार
निदेशक (अपतटीय)

श्री पंकज कुमार ने 4 सितंबर, 2021 को ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) के निदेशक (अपतट) का कार्यभार ग्रहण किया है। निदेशक (अपतट) के रूप में, वह ओएनजीसी के लगभग 70 प्रतिशत तेल और 78 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उत्पादन का योगदान करने वाले अपतटीय क्षेत्रों की पूरी श्रृंखला के लिए जिम्मेदार हैं।

श्री कुमार एक पूर्ण तेल और गैस उद्योग पेशेवर हैं, जिनके पास अपतटीय और अभितटीय क्षेत्रों के संचालन प्रबंधन, कूप इंजीनियरिंग, संयुक्त उद्यम प्रबंधन, कारपोरेट रणनीतिक प्रबंधन और परिसंपत्ति प्रबंधन के भिन्न-भिन्न ओएनजीसी व्यावसायिक कार्यों में 34 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

इस अवधि के दौरान उन्होंने ओएनजीसी के कारपोरेट रणनीति और आयोजना समूह के प्रमुख तथा कैम्बे परिसंपत्ति  और अहमदाबाद परिसंपत्ति के परिसंपत्ति प्रबंधक के रूप में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। अहमदाबाद और कैम्बे के परिपक्व क्षेत्रों से सतत उत्पादन वृद्धि उनके उत्कृष्ट संपत्ति और परियोजना प्रबंधन कौशल का एक और प्रमाण है।

वे अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण और उत्कृष्ट निष्पादन रिकॉर्ड के साथ त्वरित निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। संयुक्त उद्यम (जेवी) प्रचालन समूह में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री कुमार ने पन्ना-मुक्ता और ताप्ती में समय पर और आवंटित बजट के अंतर्गत  उत्पादन में लगभग 100% वृद्धि और जटिल अपतटीय परियोजनाओं को डिलीवर करके सीबी-ओएस/2 अपतटीय जेवी ब्लॉक के असाधारण कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ओएनजीसी की दीर्घकालिक विकास रणनीति : ऊर्जा रणनीति 2040 में श्री कुमार का व्यापक योगदान कारपोरेट रणनीति और योजना प्रमुख के रूप में उल्लेखनीय है।

अहमदाबाद में ओएनजीसी की सबसे बड़ी अभितटीय परिसंपत्ति के परिसंपत्ति प्रबंधक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, देश को अब तक की सबसे खराब महामारी और लॉक-डाउन की स्थिति का सामना करना पड़ा। गंभीर लॉक-डाउन स्थितियों के दौरान उनके गतिशील नेतृत्व में 67 प्रतिष्ठानों वाली परिसंपत्ति ने चौबीसों घंटे संचालन जारी रखा और उत्पादन बनाए रखा।

उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय (अब आईआईटी रुड़की) से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री और आईआईटी दिल्ली से प्रोसेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने आईआईएम, बेंगलुरु में एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम और आईआईएम, कलकत्ता में लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम पूरा किया।

पंकज कुमार

निदेशक (मानव संसाधन) - अतिरिक्त प्रभार

श्री पंकज कुमार ने 4 सितंबर, 2021 को ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) के निदेशक (अपतट) का कार्यभार ग्रहण किया है। निदेशक (अपतट) के रूप में, वह ओएनजीसी के लगभग 70 प्रतिशत तेल और 78 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उत्पादन का योगदान करने वाले अपतटीय क्षेत्रों की पूरी श्रृंखला के लिए जिम्मेदार हैं।

श्री कुमार एक पूर्ण तेल और गैस उद्योग पेशेवर हैं, जिनके पास अपतटीय और अभितटीय क्षेत्रों के संचालन प्रबंधन, कूप इंजीनियरिंग, संयुक्त उद्यम प्रबंधन, कारपोरेट रणनीतिक प्रबंधन और परिसंपत्ति प्रबंधन के भिन्न-भिन्न ओएनजीसी व्यावसायिक कार्यों में 34 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

इस अवधि के दौरान उन्होंने ओएनजीसी के कारपोरेट रणनीति और आयोजना समूह के प्रमुख तथा कैम्बे परिसंपत्ति  और अहमदाबाद परिसंपत्ति के परिसंपत्ति प्रबंधक के रूप में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। अहमदाबाद और कैम्बे के परिपक्व क्षेत्रों से सतत उत्पादन वृद्धि उनके उत्कृष्ट संपत्ति और परियोजना प्रबंधन कौशल का एक और प्रमाण है।

वे अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण और उत्कृष्ट निष्पादन रिकॉर्ड के साथ त्वरित निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। संयुक्त उद्यम (जेवी) प्रचालन समूह में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री कुमार ने पन्ना-मुक्ता और ताप्ती में समय पर और आवंटित बजट के अंतर्गत  उत्पादन में लगभग 100% वृद्धि और जटिल अपतटीय परियोजनाओं को डिलीवर करके सीबी-ओएस/2 अपतटीय जेवी ब्लॉक के असाधारण कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ओएनजीसी की दीर्घकालिक विकास रणनीति : ऊर्जा रणनीति 2040 में श्री कुमार का व्यापक योगदान कारपोरेट रणनीति और योजना प्रमुख के रूप में उल्लेखनीय है।

अहमदाबाद में ओएनजीसी की सबसे बड़ी अभितटीय परिसंपत्ति के परिसंपत्ति प्रबंधक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, देश को अब तक की सबसे खराब महामारी और लॉक-डाउन की स्थिति का सामना करना पड़ा। गंभीर लॉक-डाउन स्थितियों के दौरान उनके गतिशील नेतृत्व में 67 प्रतिष्ठानों वाली परिसंपत्ति ने चौबीसों घंटे संचालन जारी रखा और उत्पादन बनाए रखा।

उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय (अब आईआईटी रुड़की) से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री और आईआईटी दिल्ली से प्रोसेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने आईआईएम, बेंगलुरु में एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम और आईआईएम, कलकत्ता में लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम पूरा किया।

पोमिला जसपाल
निदेशक (अपतटीय)

Pomila Jaspal has taken over as Director (Finance) of ONGC on 19 April 2022. Prior to this, Ms Jaspal served as Director (Finance) in Mangalore Refinery and Petrochemicals Ltd (MRPL) - Schedule ‘A’ CPSE and subsidiary of ONGC, since October 2019.

She has also served as Director on the Board of ONGC Mangalore Petrochemicals Limited (OMPL), Petronet Mangalore Hassan Bangalore Limited (PMHBL) and ONGC Petro additions Limited (OPaL).

Ms Jaspal is a fellow member and gold medalist of the Institute of Cost Accountants of India. She is a recipient of the Late Mrs Dhanpati Goel Gold Medal from the Institute. She has obtained a degree in B.Com. (Hons) from MCM DAV College, Chandigarh, and M.Com. from the Punjab University.

She has 36 years of experience across varied segments of the oil & gas industry, encompassing operating, regulatory and policy aspects of upstream and downstream industry.

Ms Jaspal was instrumental in the merger of OMPL with MRPL, paving the way for synergy and integration benefits for the ONGC Group. As Director (Finance) of MRPL, she focused on the restructuring of the borrowing portfolios leading to a lower effective rate of interest.

Asset Publisher

श्री प्रवीण मल खानूजा

सरकार नामित निदेशक

Shri Praveen Mal Khanooja is currently working as Additional Secretary in the Ministry of Petroleum & Natural Gas. Prior to this assignment, he was Director General, Petroleum Planning & Analysis Cell (PPAC), an attached office of the Ministry of Petroleum & Natural Gas since November 2019.

Shri Khanooja is a B Tech in Chemical Engineering and M Tech in Management & Systems. He belongs to 1994 batch of Indian Audit & Accounts Service (IA&AS) and has worked in various capacities in Defence Audit, Railways Audit, State Government Accounts & Audit at many field and Headquarters’ postings. He has also earlier served as Director (Finance) for the Department of Revenue and Central Board of Excise & Customs; Expert in the State Audit Institution, Sultanate of Oman and Additional DG in the Central Economic Intelligence Bureau.

He has conducted Compliance and Performance Audits of FAO, Rome; WIPO, Geneva, WTO, Spain; GFMD Geneva, and UNITAID Geneva.

He is a very avid reader and has participated in many discussions making considered suggestions on many energy related issues at various forums.

Shri Khanooja does not hold any shares of the Company.

स्वतंत्र निदेशक

डॉ माधव सिंह

स्वतंत्र निदेशक

Dr Madhav Singh is a practicing doctor by profession and also a social worker, a debater and a human resource management coordinator. He acquired his graduation degree from Maharaja College Jaipur (Rajasthan University), where he held various posts in student union. He was also a NCC cadet during his student life. Dr. Singh completed his MBBS degree from SMS Medical College Jaipur. As a professional doctor, he served in various hospitals of Delhi.

In 1991, Dr Singh joined Government Service in Rajasthan and after serving 11 years, took voluntary retirement from service in 2002. Subsequently, he settled in Shrimadhopur (Sikar) and has been actively involved in social services by providing medical services to underprivileged people.

Dr. Singh is associated with Rotary International, where he held position of Assistant Governor (Rajasthan and Gujarat) and was also President of Rotary Club Shrimadhopur (Sikar). Dr Singh has worked for various welfare activities like blood donation camps, free eye operation camps, multispecialty medical mega camps, homeopathy medical camps and has performed over 25,000 deliveries till now. For his contribution to society, Dr Singh has been honored several times at District and State level by the Government of Rajasthan.

Dr Singh has been awarded with best Rotarian by Jaipur Rotary Club, Matdata Jagruk Award by District Magistrate and occasions of Republic Day and Independence Day.

Dr Singh has attended more than 100 National and State level conferences. In COVID-19 epidemic, he started 24 hrs Helpline services on which he personally attended all calls and extended services of medicines, oxygen, accommodations and counseled them regularly till date.

श्यामचंद घोष
स्वतंत्र निदेशक

Mr Syamchand Ghosh has a Master's Degree in Economics from North Bengal University; and B.Ed. (Bachelor's in Education) from North Bengal University.

Mr Ghosh is a social worker and Educationist. Being a teacher/ Head Master, Hostel Superintendent and also member of School Managing Committee, under his dynamic leadership school progressed very well. Mr Ghosh joined as assistant teacher with a High School in 1981. He was promoted and worked as Head Master of the School during April 2010 to July 2017, till superannuation. He also worked as part-time NCC Officer.

As a teacher, Mr Ghosh has been helpful to students and nurtured underprivileged students with free tuition and books/ stationery. He is also President of Malda Zilla Yadav Samity (a non-political organization), which organizes various welfare activities like blood donation camps, free clothes donation, etc. Mr Ghosh is also Secretary of Sarada Shishu Mandir, a Nursery School, established for providing quality education to underprivileged of the locality at minimal fees.

वी अजीत कुमार राजू
स्वतंत्र निदेशक

Mr V Ajit Kumar Raju is a practising Chartered Accountant with more than 21 years of professional experience. He is a Partner at M/s. D M Associates, a firm of Chartered Accountants.

Mr Raju is B Com. (Hons.) with First Division from Berhampur, Orissa, a Chartered Accountant and also FICO in SAP.

He is an avid traveller and has hobby of reading.

मनीष पारीक
स्वतंत्र निदेशक

Mr Manish Pareek is a Practicing Advocate, a writer and a dynamic debater. He is a Law Graduate and also Masters in Business Administration from Rajasthan University, Jaipur. In addition, he holds Post Graduation Diploma in Labour Laws.

Mr Pareek is Former Deputy Mayor of Jaipur and has also served as the Councillor for more than two terms of Jaipur Municipal Corporation (JMC). Being a Councillor, he served as the Chairman of Bylaws Committee and Head of Sanitation Inspection Committee of the JMC.

He has rich experience in law-making. Under his initiatives, various sanitation drives were also conducted

रीना जेटली
स्वतंत्र निदेशक

Ms Reena Jaitly is Graduate of Arts from Gurunanak Dev University, Punjab. She was Nominee Director/ Chairperson of Punjab State Forest Development Corporation Ltd, a Punjab State Government Company.

She is a social worker and has been the President of Nav Shakti Welfare Association (since last 13 years), Chairperson of Mahila Seva Sangthan (for more than 15 years) and Member of AK Prayas (for more than 15 years).

डॉ प्रभास्कर राय
स्वतंत्र निदेशक

Dr Prabhaskar Rai is professor of psychology. He has been teaching graduate and postgraduate students for the last 33 years. He has been working as principal of a Degree College for the last three years. Presently, he is the principal of LR Degree College Jasrana, Firozabad of UP, which is affiliated to Dr BR Ambedkar University in Agra. He was awarded PhD in 2004 by Dr BR Ambedkar University, Agra. Four students have completed their research work for award of PhD degree in Psychology under his mentorship. His research area is social psychology and psychology of personality. He has attended more than 30 national and international seminars and conferences and has published 23 research papers in various national and international research journals.

He had also organized a national seminar of Indian Psychological Association in 1991. Recently, he has written a book of Psychology namely 'Moolbhoot Manovaigyanik Prakriyaye', which was published in 2021 on the guidelines of New Education Policy 2021. He is the recipient of two national awards in Psychology i.e. Mrs Varalakshmi and Prof Rajamancken Veteran Eminent Psychological Award 2016 and A B Vajpayee National Development Award 2017.

He took the Army training of 6 months at various stages and worked as Associate NCC Officer along with teaching assignment. He commanded the U P contingent of NCC in Republic Parade in 1999. He received DG Commendation Card (national level) in 2004 and Deputy DG Commendation Card in 1997 and 1999 (State level).

He has also been involved with government recruitment process. He has rendered his service in U P Higher Education Service Commission, M P Public Service Commission and Chhattisgarh Public Service Commission, etc.

He is actively associated with educational and social service organizations. He has been the Vice President of Maharshi Dayanand Arsh Gurukul Ashram for the last seven years, which is devoted to the education and upliftment of downtrodden Schedule Tribe student of North Eastern states of the country. He is Vice President of Saraswati Shiksha Sansthan Firozabad and Member of Management Committee of Central School of Firozabad.