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अपतट अभियांत्रिकी सेवाओं की भूमिका और कार्यचालन का एक पर्यावलोकन

अपतट अभियांत्रिकी सेवाएँ (ओईएस), ओएनजीसी में बहु-विधा अभियन्ताओं का एक प्रमुख समूह है जिसे अपतट पर नई सुविधाओं के सृजन और मौजूदा सुविधाओं के वर्धन एवं पुनरुद्धार का कार्य सौंपा गया है। ओईएस, पश्चिमी अपतट में हाइड्रोकार्बन के अन्‍वेषण और परिवहन के लिए निम्‍नलिखित सुविधाएँ उपलब्‍ध कराती है:

  • प्रोसेस/ लिविंग क्‍वार्टर प्‍लेटफार्म
  • कूप हेड प्‍लेटफार्म
  • उप समुद्रीय पाइपलाइनें (ट्रंक लाइनें, इन फील्‍ड लाइनें)
  • संरचनाओं पर क्‍लैंप
  • पॉवर और नियंत्रणों के लिए उप समुद्रीय केबल
  • सचल अपतट उत्‍पादन इकाइयाँ (एमओपीयू)

ओईएस, केवल नई सुविधाएं ही सृजित नहीं करती बल्कि उनके जीवनकाल में वृद्धि करने के लिए मौजूदा सुविधाओं के पुनरुज्‍जीवन/ उन्‍नयन भी करती है।

ओईएस का प्रमुख, कार्यकारी निदेशक–मुख्‍य अपतट अभियांत्रिकी सेवाएं (ईडी-सीओईएस) है। ओईएस, निम्‍नलिखित उप-अनुभागों के जरिए उपर्युक्‍त प्राप्‍त करती है:

अभितट कार्य प्रभाग

अभितट कार्य प्रभाग, ओएनजीसी की मेगा अपतट परियोजनाओं के निष्‍पादन के दौरान परियोजना प्रबंधन और संविदा प्रबंधन कार्य करता है।

परियोजना प्रबंधन दल, इसकी अवधारणा से लेकर संस्‍थापना और परिसंपत्ति को सौंपने तक परियोजना के लिए जिम्‍मेदार है। परियोजना दल, परियोजना के पूरे जीवन काल के दौरान पूरा समर्थन प्रदान करता है। यह दल, मुख्‍य ईपीसी परियोजना (संविदाकार) और सीए तथा टीपीआई एजेंसियों के संविदाओं का प्रबंधन भी करता है। परियोजना दल, परियोजना तैयार करने, उसे अंतिम रूप देने और कार्य के दायरे के अनुमोदन, वीईसी, निविदा दस्‍तावेज, एनआईटी आदि से आरंभ करके परियोजना अवार्ड करने तक परियोजना के सभी चरणों में शामिल होता है। परियोजना दल, आईईएम अवार्ड-पूर्व मामलों में भी सहायता करता है और ओईसी, मध्‍यस्‍थता आदि अवार्ड के पश्‍चात के सभी विवाद निवारण करता है।

परियोजनाओं के अवार्ड के पश्‍चात, परियोजना दल, इंजीनियरी सर्वेक्षण, विस्‍तृत इंजीनियरिंग, प्रापण, फैब्रिकेशन, परिवहन, संस्‍थापन, संस्‍थापन-पूर्व और संस्‍थापन क्रियाकलापों सहित सभी परियोजना क्रियाकलाप मॉनीटर करता है।

इस अनुभाग का प्रमुख, अपतट कार्य प्रमुख है, जो ईडी-सीओईएस को रिपोर्ट करता है और इसकी सहायता, परियोजना प्रबंधकों, परियोजना समन्‍वयकों और परियोजना अभियंताओं द्वारा की जाती है।

अपतट कार्यों में दो समर्थन अनुभाग – समुद्रीय सर्वेक्षण और एचएसई भी शामिल है

समुद्रीय सर्वेक्षण अनुभाग

समुद्रीय सर्वेक्षण अनुभाग के लिए निम्‍नलिखित भूमिकाएं अनिवार्य की गई हैं: मृदा जांच, इंजीनियरिंग सर्वेक्षण, मौसम का पूर्वानुमान, एंकर पैटर्न अनुरक्षण का अनुमोदन और सभी अपतट संरचनाओं के आधारभूत आंकड़ों का अद्यतनीकरण और यह ओएनजीसी के स्‍वामित्‍व वाले भूगर्भीय तकनीकी वेसल समुद्र सर्वेक्षक तथा मृदा जाँच, अभियांत्रिकी सर्वेक्षण आदि के लिए किराए पर लिए गए एकीकृत वैसल का प्रचालन और अनुरक्षण भी करता है। इस अनुभाग का प्रमुख, समुद्री सर्वेक्षण प्रमुख है, जो सीधे एचओडब्‍ल्‍यू को रिपोर्ट करता है।

स्‍वास्‍थ्‍य, संरक्षा एवं पर्यावरण (एचएसई)

एचएसई अनुभाग, अपतट निर्माण क्रियाकलापों के लिए सांविधिक अनुपालनों की आवश्‍यकताएँ पूरी करता है। एचएसई अनुभाग की भूमिका संक्षेप में निम्‍नलिखित है: संविदाकारों द्वारा तैनात किए गए समुद्री स्‍प्रेड की सुरक्षा लेखापरीक्षा, अपतट में घटनाओं/ दुर्घटनाओं की रिपोर्टिंग और विश्‍लेषण, प्रशिक्षणों का समन्‍वय, आईएसओ प्रमाणन और एचएसई मैनुअल-दस्‍तावेज तैयार करना । इस अनुभाग का प्रमुख, एचएसई प्रभारी है, जो सीधे एचओडब्‍ल्‍यू को रिपोर्ट करता है।

अपतट डिजाइन प्रभाग

अपतट डिजाइन प्रभाग, मूल डिजाइन, तकनीकी बोली तैयार करने, और बोली का मूल्‍यांकन करने तथा विभिन्‍न सुविधाओं की विस्‍तृत अभियांत्रिकी की समीक्षा और ओएनजीसी अपतट अभियांत्रिकी सेवाओं के आंतरिक इंजीनियरिंग परामर्शदाता के रूप में कार्यों से संबंधित है।
अपतट डिजाइन अनुभाग द्वारा निम्‍नलिखित प्रमुख क्रियाकलाप किए जाते हैं:

  • व्‍यवहार्यता रिपोर्ट में सहबद्धता – एफआर के लिए बहु-विधा दल (एमडीटी) को विभिन्‍न इनपुट उपलब्‍ध कराते हुए
  • मूल डिजाइन और तकनीकी बोली तैयार करना – अंतर्राष्‍ट्रीय संहिताओं/ मानकों और उपयोगकर्ता फीडबैक के आधार पर
  • एकमुश्‍त टर्नकी (एलएसटीके) परियोजनाओं का लागत आकलन – स्‍वीकृति प्राप्‍त करने (एफआर चरण) के लिए और तकनीकी बोली खोलने (टीबीओ) से पहले।
  • संविदाकारों द्वारा विश्‍वसनीय वेंडरों का चयन सुसाध्‍य बनाने के लिए बोली पैकेज में सभी उपकरण मदों के लिए वेंडरों की सूची का रखरखाव और अद्यतनीकरण।
  • विभिन्‍न तकनीकी विनिर्देशनों का अद्यतनीकरण और इन्‍हें बोली दस्‍तावेज़ों में शामिल करना।
  • आगामी परियोजनाओं में यथा लागू नई प्रौद्योगिकी का कार्यान्‍वयन ।
  • कार्य के निविदाकरण और अवार्ड में सहसंबद्धता – तकनीकी पृच्‍छाओं के उत्‍तर। तकनीकी बोली मूल्‍यांकन ।
  • विस्‍तृत इंजीनियरिंग – परियोजना निष्‍पादन के दौरान विस्‍तृत नक्‍शों और दस्‍तावेज़ों की समीक्षा ।
  • परियोजना गुणवत्‍ता लेखापरीक्षा – संविदाकारों की गुणवत्‍ता की निगरानी करने और सीए/टीपीआई एजेंसियों द्वारा पर्यवेक्षण के लिए आंतरिक पीक्‍यू लेखापरीक्षा दलों द्वारा त्रिस्‍तरीय गुणवत्‍ता निगरानी ।
  • परियोजना निष्‍पादन के दौरान आदेश बदलने और गुणवत्‍ता भिन्‍नताओं की समीक्षा ।
  • सभी निष्‍पादित परियोजनाओं के आंकड़ा आधार का अनुरक्षण और अद्यतनीकरण अर्थात भावी परियोजनाओं में उपयोग के लिए आंकड़ा केंद्र निर्मित करना, परियोजना पूर्ण रिपोर्ट आदि।

इस अनुभाग का प्रमुख, डिजाइन प्रमुख (विभाग प्रमुख) है, जो ईडी-सीओईएस को रिपोर्ट करता है और उसकी सहायता विभिन्‍न समूह प्रमुखों तथा विधा प्रमुखों द्वारा की जाती है ।

सामग्री प्रबंधन अनुभाग

सामग्री प्रबंधन, अभियांत्रिकी सेवा समूह का एक समर्थन कार्य है, जो एलएसटी के लिए संविदाओं और ऐसे अन्‍य संविदाओं के अवार्ड में सहायता करता है, जो इन एलएसटी के संविदाओं के लिए सहायक संविदा है। सामग्री प्रबंधन अनुभाग का प्रमुख, सामग्री प्रबंध प्रभारी है, जो ईडी-सीओईएस को रिपोर्ट करता है।

वित्‍त अनुभाग

वित्‍त अनुभाग, अभियंत्रिकी सेवा समूह का एक समर्थन कार्य है, जिसका प्रमुख, वित्‍त प्रभारी है, जो ईडी-सीओईएस को रिपोर्ट करता है।

सृजित की गई सुविधाएँ

आज की तारीख तक ओईएस द्वारा सृजित की गई सुविधाएँ :

  • प्रोसेस/ लिविंग क्‍वार्टर प्‍लेटफार्म : 43
  • कूप प्‍लेटफार्म : 223
  • क्‍लैम्‍प ऑन : 80
  • उप समुद्री पाइपलाइनें/ केबल : 6700 कि.मी.

चालू वर्ष 2017-18 में (आज की तारीख तक) ओईएल द्वारा सृजित की गई सुविधाएं:

  • प्रोसेस/ लिविंग क्‍वार्टर प्‍लेटफार्म : 1+1 एलओ
  • कूप प्‍लेटफार्म : 13
  • क्‍लैम्‍प ऑन : 02
  • उप समुद्री पाइपलाइनें/ केबल : 595.46 कि.मी.

आगे आने वाली सुविधाएं (अवार्ड किए गए संविदाओं से) :

  • प्रोसेस/ लिविंग क्‍वार्टर प्‍लेटफार्म : 1
  • कूप प्‍लेटफार्म :
  • उप समुद्री पाइपलाइनें/ केबल : 223 कि.मी.
  • एमओपीयू : 03

वर्तमान में, ओईएस ` 13,159.70 करोड़ के मूल्‍य की 14 परियोजनाएँ निष्‍पादित कर रहा है । ` 56.44 करोड़ के मूल्‍य की 5 परियोजनाएं निविदाकरण के चरण में हैं और एक परियोजना, आरंभ किए जाने के चरण में है, जिसके परिणामस्‍वरूप देश का 5 एमएमटी तेल और 556.70 बीसीएम गैस की प्राप्ति होगी ।

इसलिए, यह देखा जा सकता है कि अपतट इंजीनियरी सेवाओं ने पिछले वर्षों में बड़ी संख्‍या में मेगा परियोजनाओं पर कार्य किया है और ये सभी परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो गई हैं और बन्द कर दी गई हैं, जिसके परिणामस्‍वरूप अपतट पर नई सुविधाएँ सृजित हुई हैं ।